Shanghai Airport के बाद Arunachal महिला का एकता संदेश: Trolls को करारा जवाब
What happened Shanghai Airport – Shanghai Airport पर चीनी अधिकारियों द्वारा लगभग 18 घंटे तक हिरासत में रखी गई अरुणाचल प्रदेश की प्रेमा वांगजोम थोंगडोक ने ऑनलाइन ट्रोल्स को करारा जवाब देते हुए राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश दिया है। Financial Services में एक हाई-प्रोफाइल जॉब संभालने वाली प्रेमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए साफ किया कि उनके पास trollers को जवाब देने के लिए समय नहीं है।
“हम एक राष्ट्र हैं, एक-दूसरे के साथ खड़े हैं”
प्रेमा ने अपने ताजा पोस्ट में लिखा, “मैं इस राजनयिक मुद्दे के समर्थन में बोलने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे शायद ही कभी X प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि उनका काम काफी demanding है। Financial Services में high-profile position संभालने के कारण उनके पास “trollers को जवाब देने के लिए idle time” नहीं है।
प्रेमा ने कहा कि सही लोगों ने उनके बयानों को समझ लिया है, और जो नहीं समझे वे उनके साथ engage करने लायक नहीं हैं। एकता पर जोर देते हुए उन्होंने जो बात कही, वह हर भारतीय के दिल को छू गई।
प्रेमा ने कहा, “मैं भारत में भी नहीं रहती, इसलिए भारत सरकार जो भी कार्रवाई करेगी, वह वहां रहने वाले मेरे साथी भारतीयों और अरुणाचलियों के लाभ और गौरव के लिए होगी, मेरे लिए नहीं। हम एक राष्ट्र हैं; हम एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।”
यह बयान उनकी सोच की परिपक्वता और राष्ट्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वे चाहे UK में रहती हों, लेकिन उनकी पहचान और संघर्ष भारत के हर नागरिक से जुड़ा है। ( What happened Shanghai Airport)
Shanghai Airport पर क्या हुआ था? ( What happened Shanghai Airport)
21 नवंबर को प्रेमा वांगजोम थोंगडोक London से Japan की यात्रा पर थीं। Shanghai Pudong Airport पर उनका सिर्फ तीन घंटे का layover था, लेकिन यह छोटा सा पड़ाव उनके लिए एक लंबे दर्दनाक अनुभव में बदल गया।
उन्होंने बताया कि immigration officials ने उनके passport को सिर्फ इसलिए invalid घोषित कर दिया क्योंकि उनका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश था। उनका passport जब्त कर लिया गया और Japan के लिए valid visa होने के बावजूद उन्हें अपनी आगे की flight में boarding से रोक दिया गया।
चीनी अधिकारियों ने बार-बार कहा कि अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है, इसलिए उनका भारतीय passport मान्य नहीं है। प्रेमा के अनुसार, कई immigration officers और China Eastern Airlines के staff ने उनका मजाक उड़ाया और उन्हें “Chinese passport के लिए apply करने” की सलाह दी।
18 घंटे की यातना: भूख, थकान और अपमान
लगभग 18 घंटे तक airport के transit area में बंद रहने के दौरान प्रेमा को खाने की सुविधा नहीं दी गई और न ही airport की basic facilities तक पहुंच दी गई। वे अपनी journey को rebook भी नहीं कर सकीं। Helpless होकर उन्हें UK में रह रहे एक दोस्त के जरिए Shanghai में Indian Consulate से संपर्क करना पड़ा। – What happened Shanghai Airport
भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही वे रात देर से airport से बाहर निकल पाईं और अपनी यात्रा जारी रख सकीं।
प्रेमा ने इस अनुभव को “भारत की संप्रभुता के लिए सीधा अपमान” करार दिया। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi और senior officials को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले को Beijing के साथ उठाया जाए, जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों को international travel के दौरान ऐसी बाधाओं का सामना न करना पड़े।
भारत सरकार की मजबूत प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने अरुणाचल प्रदेश पर भारत की दृढ़ स्थिति को दोहराते हुए कहा, “अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, और यह एक स्पष्ट तथ्य है।” उन्होंने जोड़ा कि चीन की ओर से कितनी भी denial हो, यह वास्तविकता नहीं बदलेगी।
भारत ने Beijing के साथ strong protest दर्ज किया है, Beijing में अपने embassy के जरिए और New Delhi में diplomatic channels के माध्यम से भी। Shanghai में भारतीय Consulate ने locally इस मामले को उठाया और stranded passenger को पूरी सहायता प्रदान की।
अधिकारियों ने कहा कि चीनी authorities की कार्रवाई civil aviation से संबंधित Chicago और Montreal Conventions के विरुद्ध है। “ऐसे समय में जब दोनों पक्ष normalcy बहाल करने पर काम कर रहे हैं, चीन की ओर से ऐसी कार्रवाइयां इस process में अनावश्यक बाधाएं पैदा करती हैं,” एक official ने कहा।
चीन का इनकार और counter-claim
दूसरी ओर, चीन ने harassment के आरोपों को खारिज कर दिया है। Chinese Foreign Ministry की spokesperson Mao Ning ने दावा किया कि प्रेमा पर कोई compulsory measures, detention या harassment नहीं की गई। उन्होंने कहा कि airline ने आराम करने की जगह, पानी और खाना भी मुहैया कराया।
Mao Ning ने कहा, “चीन के border inspection authorities ने पूरी प्रक्रिया को कानूनों और नियमों के अनुसार अंजाम दिया और संबंधित व्यक्ति के कानूनी अधिकारों और हितों की पूरी तरह से रक्षा की।” उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को भी दोहराया, जिसे चीन ‘Zangnan’ या ‘South Tibet’ कहता है।
हालांकि, प्रेमा का अनुभव और उनका विस्तृत वर्णन चीन के दावों के विपरीत खड़ा है। उन्होंने साफ-साफ बताया कि उन्हें कैसे mock किया गया, कैसे उनकी भारतीय पहचान पर सवाल उठाए गए और कैसे उन्हें घंटों तक basic facilities के बिना detained रखा गया। – What happened Shanghai Airport
Arunachal Pradesh के Chief Minister की प्रतिक्रिया
अरुणाचल प्रदेश के Chief Minister Pema Khandu ने इस घटना को “unacceptable और appalling” करार दिया। उन्होंने कहा कि वे प्रेमा वांगजोम थोंगडोक के साथ हुई घटना से “deeply shocked” हैं और चीनी अधिकारियों का conduct “humiliation और racial mockery” के बराबर है।
CM Khandu ने X पर लिखा कि एक valid Indian passport होने के बावजूद उन्हें ऐसे treatment के अधीन करना appalling है। उन्होंने assertively कहा, “अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। इसके विपरीत कोई भी insinuation baseless और offensive है।”
इस घटना को “international norms का violation और भारतीय नागरिकों की गरिमा का अपमान” बताते हुए Khandu ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि Ministry of External Affairs इस मामले को urgently उठाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
Arunachal Pradesh Congress Committee (APCC) ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे “shocking” और “unacceptable” बताया। APCC के president Bosiram Siram ने चीनी अधिकारियों के “racially discriminatory” behavior पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
Siram ने statement में कहा, “यह घटना बेहद दुखद है और human dignity के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाती है। किसी भी भारतीय नागरिक को कभी भी ऐसे अपमानजनक और discriminatory conduct के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।”
Northeastern region के political leaders और activists ने भारत सरकार से formal protest की मांग की है और border states के travelers के लिए clear advisories जारी करने को कहा है, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे treatment का सामना न करना पड़े।
Diplomatic संदर्भ और ऐतिहासिक तनाव
यह घटना India-China के बीच Arunachal Pradesh की status को लेकर चल रहे diplomatic tensions की पृष्ठभूमि में सामने आई है। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश को ‘South Tibet’ बताता रहा है, जबकि भारत ने हमेशा इसे अपना integral part माना है।
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की है, जिसे भारत ने categorically reject किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मई 2024 में media queries के जवाब में कहा था कि भारत ऐसे प्रयासों को categorically reject करता है।
हालिया महीनों में India-China के बीच संबंधों में कुछ सुधार के संकेत दिखे थे, दोनों देशों के senior leaders के बीच interactions हुए थे। लेकिन Shanghai Airport की यह घटना दोनों देशों के बीच के underlying tensions को फिर से सामने लाती है।
“हम शुद्ध हिंदी बोलते हैं, चीनी नहीं समझते”
प्रेमा ने अपने statements में एक बेहद मजबूत point उठाया। उन्होंने कहा, “हम भारत का हिस्सा हैं… हम शुद्ध हिंदी बोलते हैं; हमें चीनी भाषा का ‘C’ भी नहीं आता। हम सभी भारतीय हैं।”
यह statement न सिर्फ linguistic और cultural identity को highlight करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अरुणाचल प्रदेश के लोग खुद को पूरी तरह से भारतीय मानते हैं। Northeast India के residents को अक्सर mainland India में भी कभी-कभी अलग नजरिए से देखा जाता है, लेकिन प्रेमा का यह statement साफ करता है कि वे गर्व से भारतीय हैं।
उन्होंने awareness raise करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “मैं awareness बढ़ाना चाहती हूं ताकि Northeast India के residents को ऐसे harassment का सामना न करना पड़े या उन्हें यह न कहा जाए कि वे उस देश का हिस्सा नहीं हैं जिससे वे गर्व से belong करते हैं।”
आगे की कार्रवाई और मांगें
प्रेमा वांगजोम थोंगडोक ने Prime Minister Modi, Arunachal Pradesh के Chief Minister, Ministry of External Affairs और Foreign Secretary को पत्र लिखा है। उन्होंने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- Beijing के साथ मामला उठाना: भारत सरकार को चीन के साथ इस मामले को strongly raise करना चाहिए।
- Accountability और अनुशासनात्मक कार्रवाई: जिन immigration और airline staff ने यह व्यवहार किया, उनके खिलाफ जवाबदेही तय होनी चाहिए और disciplinary action लेना चाहिए।
- Compensation की मांग: उन्हें जो harassment, financial loss (missed flights, hotel bookings) और mental trauma हुआ, उसके लिए compensation दिया जाना चाहिए।
- भविष्य के लिए assurance: अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों को international travel के दौरान ऐसी बाधाओं का सामना न करना पड़े, इसका assurance चाहिए।
- Clear travel advisories: Border states के travelers के लिए clear guidelines और advisories जारी की जाएं।
राष्ट्रीय एकता का संदेश: क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रेमा का यह statement – “हम एक राष्ट्र हैं; हम एक-दूसरे के साथ खड़े हैं” – आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक diplomatic incident नहीं है, बल्कि यह भारत की territorial integrity और national identity से जुड़ा मामला है।
जब कोई foreign power भारत के किसी हिस्से को अपना बताने की कोशिश करता है, तो यह सिर्फ उस region के लोगों का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की sovereignty पर हमला है। प्रेमा ने यह समझा और अपने message में साफ किया कि भले ही वे भारत में नहीं रहतीं, लेकिन यह लड़ाई उन सभी भारतीयों की है जो देश में रहते हैं।
यह mature और selfless approach दिखाता है कि वे अपने personal inconvenience से ऊपर उठकर national interest के बारे में सोच रही हैं। उनका यह संदेश हर भारतीय को याद दिलाता है कि हमारी diversity हमारी strength है, और जब sovereignty का सवाल आता है, तो हम सब एक हैं।
Trolls को जवाब: Dignity के साथ
Social media पर हमेशा कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी भी मुद्दे को politicize करने की कोशिश करते हैं या victims को ही blame करते हैं। प्रेमा ने ऐसे trolls को बिना नाम लिए एक dignified जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि उनके पास “trollers को जवाब देने के लिए idle time” नहीं है। यह statement powerful है क्योंकि यह दिखाता है कि:
- Professional priorities: वे एक successful professional हैं जिनका focus अपने काम पर है, न कि online negativity पर।
- Selective engagement: वे सिर्फ उन लोगों के साथ engage करती हैं जो genuinely समझना चाहते हैं, न कि trolls के साथ।
- Self-respect: वे अपनी dignity maintain करती हैं और unnecessary arguments में नहीं पड़तीं।
- Bigger picture focus: उनका focus personal vindication पर नहीं है, बल्कि broader diplomatic और national issue पर है।
यह approach हर उस व्यक्ति के लिए एक सबक है जो social media पर trolling का शिकार होता है। आपको हर negative comment का जवाब देने की जरूरत नहीं है। अपनी बात रखिए, अपने supporters का धन्यवाद कीजिए, और आगे बढ़िए।
निष्कर्ष
What happened Shanghai Airport पर हुई यह घटना सिर्फ एक individual की परेशानी नहीं है, बल्कि यह India की sovereignty, territorial integrity और अपने citizens की dignity के बारे में है। प्रेमा वांगजोम थोंगडोक ने न सिर्फ अपने अनुभव को share किया, बल्कि एक मजबूत national unity का संदेश भी दिया।
उनका यह कहना कि “हम एक राष्ट्र हैं; हम एक-दूसरे के साथ खड़े हैं” हर भारतीय को याद दिलाता है कि जब देश की बात आती है, तो हम सब एक हैं – चाहे हम किसी भी state से हों, किसी भी language को बोलते हों, या दुनिया के किसी भी कोने में रहते हों।
भारत सरकार ने इस मामले को seriously लिया है और diplomatic channels के जरिए strong protest किया है। अब देखना यह है कि आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या अरुणाचल प्रदेश के citizens को international travel में ऐसी difficulties का सामना फिर से करना पड़ेगा या नहीं।
एक बात तय है – प्रेमा की हिम्मत और उनका clear, dignified stand हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखा दिया कि adversity में भी कैसे अपनी बात मजबूती से रखी जाए और trolls को करारा जवाब कैसे दिया जाए – बिना उनके level पर उतरे, बिना अपनी dignity खोए।
What happened Shanghai Airport – हम सब एक राष्ट्र हैं। हम एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। यही भारत है। यही हमारी पहचान है।
नमस्ते! मैं Pravin Kumar हूं, एक passionate writer जो interesting और informative content लिखना पसंद करता हूं। मेरा उद्देश्य readers को valuable information और engaging stories प्रदान करना है।
1 thought on “What happened Shanghai Airport | Shanghai Airport पर क्या”